"प्यार की सौगात "
"प्यार की सौगात "
आदरणीय "StoryMirror "मंच को नमन और मेरी एक स्वरचित आज की मौलिक कविता समर्पित !
सन्दर्भ :---कविता का संदेश है कि प्यार और साथ ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। यह कविता हमें अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने और उनके साथ खुशी-खुशी जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
दिनाँक :-02 02 2026
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“प्यार की सौगात”
डॉ लक्ष्मण झा परिमल
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मुझे तुम कुछ नहीं देना ,
बस थोड़ा प्यार ही दे दो !
मेरा जीवन सफल होगा ,
मुझे सौगात तुम दे दो !!
बदलते हैं यहाँ रिस्ते ,
नहीं कोई साथ चलता है !
कहाँ तक चलता जाऊँगा ,
नहीं कोई साथ रहता है !!
बनो तुम हमसफर मेरे ,
सफर में साथ ही रहना !
ना छोड़ो हाथ तुम मेरा ,
डगर में साथ ही रहना !!
खुशी से दिन बिताएँगे ,
दिवाली रात में होगी !
रहेंगे मिलके हम दोनों ,
कभी बरसात जब होगी !!
करेंगे ख्वाब सब पूरे,
मिलेंगी मंज़िलें हमको !
मिलेंगा प्यार का तोहफा,
कभी छोड़ेंगे ना तुमको !!
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डॉ लक्ष्मण झा परिमल
02 01 2026

