STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Romance

4  

Divyanshi Triguna

Romance

ये दिल सबकुछ जाने,,

ये दिल सबकुछ जाने,,

1 min
265

तुम जानो ना जानो, ये दिल सबकुछ जाने

    तुम मानो ना मानो, ये दिल सबकुछ माने

जानी हैं अंजानी, ये दिल सब पहचाने

    ना भूलें हैं कुछ भी कहीं, हमें याद हैं सभी

ये दिल सब पहचाने....

    रहा ये जीवन, रहा कभी तो मिलते रहेंगे

जीवन के बाद भी, तुझमें आ मिलेंगे

    क्या होता ये प्रेम जी, क्या इसकी परिभाषा

दो दिल एक से हो, बस यहीं है अभिलाषा.......


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance