Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

Vijeta Pandey

Romance


4.7  

Vijeta Pandey

Romance


कैसे गाएं गीत मल्हार

कैसे गाएं गीत मल्हार

1 min 80 1 min 80

मन विरह की वेदना का

होके पंछी करे पुकार

लौट आओ खग मेरे तुम

फीके तुम बिन खिले कल्हार

नैनो में यूं भर के सावन

हम, कैसे गाएं गीत म्लहार...


राह बाटे सूनी आंखे

प्रतीक्षा में कजरे की धार

चूडियों की खनक बिसरी

पायल तो आके लियो सम्हार

नैनो में यूं भर के सावन

हम, कैसे गाएं गीत म्लहार....


विवशता से आकाश झुलसा

हुई राख सी सुन्दर बहार

उद्विग्न तन का कोना कोना

जैसे जले अग्नि जिए तल्हार

नैनो में यूं भर के सावन

हम, कैसे गाएं गीत म्लहार....


नैनो में यूं भर के सावन

हम, कैसे गाएं गीत म्लहार

लौट आओ खग मेरे तुम

बनके जीवन में श्रिंगार!



Rate this content
Log in

More hindi poem from Vijeta Pandey

Similar hindi poem from Romance