STORYMIRROR

Vijeta Pandey

Comedy

3  

Vijeta Pandey

Comedy

लॉक्डाउन का डर पति घर पर

लॉक्डाउन का डर पति घर पर

1 min
528

शादी का मज़ा हमको लॉक्डाउन में आया

काम वाली गयी पति मेरा काम है आया

झाडू और पोछे के ख़्वाब छोटे रह गए

जब लंच में दम आलू मेरे सामने आया

वो प्लीज़ प्लीज़ करके प्यार से है खिलाते

वाह वाह करके हम भी हौसला है बढ़ाते

जादू है हाथों में आपके ये झूठ कह के हम

खुद को किचन की गर्मी से है रोज़ बचाते

दिया हुआ दहेज अब वसूल हो रहा

पति परदे चादरों को हाथ से है धो रहा

बरेठा, माली, धोबी से भी ज्यादा है वो व्यस्त

कौन कहता आदमी है, घर में बोर हो रहा

बाइक देख देख मन में मुस्कुराती हूं मैं

चलती थी तू कभी, इन्हे अब चलाती हूं मैं

कि पार्टी मित्र ड्रिंक मोह माया हो गये

अब जलवा अपना हर तरफ दिखाती हूं मैं

बातें सुनी वो भी जो सुनते नहीं थे वो

व्रत सोमवार के मेरे सफल है हो गये

आँफिस के थोड़े काम से थक जाते थे जो

चौबीसों घन्टे काम में निपुण हैं हो गये


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy