राधा रानी करें विचार
राधा रानी करें विचार
राधा रानी करें विचार,
कब आयेंगे कान्हा इस द्वार,
सुबह से ताकू मैं रस्ता,
होने आई हैं अब शाम,
राधा रानी करें विचार,
किससे पूछूं करें विचार,
या जाऊं मैं यमुना पार,
राधा रानी करें..........,
लाल चुनरिया डाल खड़ी हैं,
गइया भी द्वारे खड़ी हैं,
सब पूछत हैं एकही सवाल,
कब आयेंगे नंद के लाल,
सब्र का बांध हैं टूट रहा,
कोई भेजो उद्धव को उस पार,
कब आयेंगे नंद के लाल,
सुनो यशोदा तुम्हीं बताओ,
मां हों कान्हा के आने का समय बताओं,
उलझन से कैसे हों पार,
समय भी होंत हैं पार,
सुनो रि राधा निकालो सोने का हार,
आए कन्हैया यमुना के पार,
मनाओ उत्सव ढोल बजाओ,
नाच गा के ताली बजाओ,
पूरी हों सब की कामना इस बार,
आए कृष्ण मेरे द्वार।
