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Lakshman Jha

Tragedy

4  

Lakshman Jha

Tragedy

निर्भया का दर्द

निर्भया का दर्द

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कभी कहते हैं किसी को किसी का हृदय मत तोड़ो !

विनम्रता और संस्कार की राहें भूल के भी ना छोड़ो !!

शिक्षार्थियों को अच्छी शिक्षा का मंत्र हम देते रहते हैं !

शिक्षक भी शिक्षण में कोई कसर कभी नहीं छोडते हैं !!

राजनीतिज्ञ संविधान की सौगंध जनमानस में लेते हैं !

लोगों के जनहित के लिए आमरण अनशन करते हैं !!

धर्म गुरुओं के ज्ञान से लोगों की आँखें खुली रहती है !

परोपकार के मंत्रों से सारी ही दुनियाँ प्लावित रहती है !!

सामाजिक परिवेशों में चारित्रिक निर्माण किया जाता है !

सुंदर बातों को सिखलाकर सबको सुदृद किया जाता है !!

तब दानव बन क्यूँ घृणित कार्य हम आवेगों में करते हैं ?

एक नहीं सौ-सौ माँ- बेटी को निर्भया बननाके रखते हैं !!


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