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Minal Aggarwal

Tragedy

4  

Minal Aggarwal

Tragedy

खेल इस दुनिया के लोगों का

खेल इस दुनिया के लोगों का

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एक खेल होता है जो 

खिलाड़ियों द्वारा खेला जाता है 

किसी कमरे में या 

मैदान में लेकिन 

एक खेल होता है जो 

इस दुनिया के लोग खेलते हैं 

जाने में या अनजाने में 

किसी से कोई भूल हो जाये और 

उसकी भावना गलत न हो तो 

उसे तो माफ किया जा सकता है 

लेकिन जो कोई एक षड्यंत्र रचे 

एक सोची समझी साजिश के तहत 

किसी की बर्बादी का कारण बने 

एक बेहद ही घिनौना कृत्य करे

एक बहुत ही अपमानजनक खेल 

खेले तो 

उसे क्या कहेंगे 

एक बार नहीं 

बार बार 

लगातार 

सारी उम्र ही गर 

वह यह भयावह खेल खेलता 

रहे 

अपने लाभ के लिए 

स्वार्थ के लिए 

अभिमान के लिए 

दूसरों को बर्बाद करता रहे 

किसी का घर उजाड़ दे 

उसके जीवन को तहस नहस 

कर दे 

किसी को सताता रहे 

मारने की कोशिश करे

कभी सुधरे ही नहीं 

अपनी गलती सुधारे ही नहीं 

अपराध बोध से तनिक भी 

ग्रसित न हो तो 

यह खेल

यह कुकृत्य

यह कांड तो 

अपराध की श्रेणी में ही आता है 

सबसे दुखद घटना तो 

तब घटित होती है जब 

लोग इस अपराध में शामिल 

होते हैं 

इस तरह के अपराधियों के 

हौसले बढ़ाते हैं 

उनके साथ रिश्ते 

जोड़ते हैं 

उन्हें आसमान के शिखर पर 

बिठाते हैं 

उनकी पीठ ठोक कर उन्हें 

शाबाशी देते हैं और 

जो होते हैं इस खेल के 

शिकार 

भुक्तभोगी 

बेबस लोग 

उनकी कहीं से कोई मदद नहीं 

करते 

उनकी सही बातों का समर्थन 

नहीं करते 

उनकी सच्चाई को कहीं कोई 

महत्व नहीं देते 

उनका तिरस्कार करते हैं 

उनके साथ वह भी वही 

पुराना खेल खेलने लगते हैं 

लोग ऐसे खेल अक्सर ही 

खेलते हैं और 

बखूबी खेलते हैं 

जीत भी उन्हीं की होती रहती है 

जिसे इस जाल में फंसाते हैं 

वह तो हारता ही चला जाता 

है 

एक दलदल में फंसता चला 

जाता है 

जितना बाहर निकलना चाहता 

है उतना ही और धंसता

चला जाता है 

ऐसे खेल क्यों लोग खेलते हैं 

मुझे तो न यह सब समझ 

आता है 

न ही ऐसा कोई खेल रास ही

आता है।


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