STORYMIRROR

Meenakshi Kilawat

Drama Inspirational

2  

Meenakshi Kilawat

Drama Inspirational

मित्रता दिवस

मित्रता दिवस

1 min
14.4K


मैंने आज दी अपने घरवालों को

मित्रता दिवस की बधाई

बाग-बाग हो गये मेरे अपने

ओर खेले मेरे संग रास कन्हाई।


सबसे ज्यादा मित्र है मेरी मँ

लगा लिया मुझको गले से माँ ने

कहने लगी मत बनाना कई मित्र

कब बदल जाये जमाना ना जाने।


मैंने पिता को दी बधाई

कहने लगे लाडली मेरी बिटिया

सबसे अच्छा तेरा पापा है

मित्रों का मित्र सेर पे सवाय।


अपने भैया को दी मैंने बधाई

कहने लगे मैं तेरा मित्र, तुझ पर वारी

कर सकती हो पूरा भरोसा मुझ पर

करूँगा तेरी हर इच्छा मैं सब पुरी।


दादा-दादी,चाचा-चाची सबका

पाव छूँकर लिया मैंने आशीष

परिवार के प्यार में मैं भूल गई

कामयाब रही परिवार की कोशिश।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama