खुशियाँ
खुशियाँ
खुशियों की तलाश में, वो बच्चा खड़ा है।
हाथ में गुब्बारा लिए, बेचने पे अड़ा है।
दो पैसे कमाकर घर ले जाएगा।
भूखी माँ को, दो रोटी और दवा खिलायेगा।
ये महँगी गाड़ी, ये आलीशान बंगले धरे रह जायेंगे।
न ग़म साथ लाये थे, न खुशियाँ साथ ले जायेंगे।
हाँ जी हाँ,
भूखे को रोटी और प्यासे को पानी दे।
इंसान क्या बेज़ुबान को भी, ज़िंदगानी दे।
मन की खुशी, तेरे दिल में समाएगी।
तू रोना भी चाहे, तो आँसू झटक जाएगी।
तू रोना भी चाहे, तो आँसू झटक जाएगी।
