Neerja Sharma
Action Classics Inspirational
सीधी बात
आज के युग में
सीधी बात कहना
माना, नहीं है आसान,
पर क्या करें
लोगों को समझ
तभी आता है।
अगर समझाने का
यदि करें प्रयास
तो बात
ज्यादा उलझती कई बार।
अनुभव कहता
न ज्यादा दिमाग खपाओ
सीधी बात कहो
और पार हो जाओ।
नेत्र कलम
एहसास
रक्षाबंधन -मे...
रानी लक्ष्मीब...
खाली हाथ
सुखी परिवार
अवकाश (पंजाबी...
हमारी पृथ्वी
धरती माँ
समय
हनुमान रूप, प्रभु राम संग माँ गौरा के तुम, भोलेनाथ, हनुमान रूप, प्रभु राम संग माँ गौरा के तुम, भोलेनाथ,
बेटियाँ माता-पिता की आन-बान-शान तो, बेटे भी तो अपने माता-पिता का अभिमान। बेटियाँ माता-पिता की आन-बान-शान तो, बेटे भी तो अपने माता-पिता का अभिमान।
बस होगा जिम्मा नर नारी का सहकार्य व परस्पर संबंधों का बस होगा जिम्मा नर नारी का सहकार्य व परस्पर संबंधों का
अब कहाँ वो जमाना यारों ये सब बचपन में हुआ करते थे। अब कहाँ वो जमाना यारों ये सब बचपन में हुआ करते थे।
कोई अपना दिखेगा तो बस श्मशान या कब्रिस्तान ही दिखेगा कोई अपना दिखेगा तो बस श्मशान या कब्रिस्तान ही दिखेगा
हमारे सभी ख़्वाब भी अब हकीक़त में बदलने जा रहे हैं , हमारे सभी ख़्वाब भी अब हकीक़त में बदलने जा रहे हैं ,
जिसे नचा लो तुम तुम्हारी उँगलियों पर मैं वो दास नहीं जिसे नचा लो तुम तुम्हारी उँगलियों पर मैं वो दास नहीं
तुम उड़ते हवाओं में, झूमने लगी बहकी फिज़ाओं से, बाते करने लगी तुम उड़ते हवाओं में, झूमने लगी बहकी फिज़ाओं से, बाते करने लगी
क्या हो गया संग जीने- मरने के रस्मों- कसमों का ? क्या हो गया संग जीने- मरने के रस्मों- कसमों का ?
वीरता पाकिस्तान खिलाफ बाजार भाव गरम यूक्रेन चीन खिलाफ वीरता बाजार ठंडा वीरता पाकिस्तान खिलाफ बाजार भाव गरम यूक्रेन चीन खिलाफ वीरता बाजार ठंडा
रणचंडी बनकर टूट पड़ो नारी मत इंतजार करो रणचंडी बनकर टूट पड़ो नारी मत इंतजार करो
मान- मर्यादा को धूमिल कर देने वालों में हमारी गिनती होगी । मान- मर्यादा को धूमिल कर देने वालों में हमारी गिनती होगी ।
पति के सम्मान में कभी ज़िद न की घास के बिछौने पर ही सोती थी वो पति के सम्मान में कभी ज़िद न की घास के बिछौने पर ही सोती थी वो
किसी के सुनहरे सपने संजो ले आए किसी और के सीने में ही सही किसी के सुनहरे सपने संजो ले आए किसी और के सीने में ही सही
जिनकी शरारती अदाओं ने दे दी हमें शायर की पहचान जिनकी शरारती अदाओं ने दे दी हमें शायर की पहचान
काम छोटा ना समझे करा जिसने गुमान, गुत्थी उसी की उलझे काम छोटा ना समझे करा जिसने गुमान, गुत्थी उसी की उलझे
ये तो महफ़िल है पल दो पल की तुम्हारी याद फिर बकवास कैसे ! ये तो महफ़िल है पल दो पल की तुम्हारी याद फिर बकवास कैसे !
साथ रहने के कसमें, और रस्में खाते है देखो दो दिल कैसे जीते है साथ रहने के कसमें, और रस्में खाते है देखो दो दिल कैसे जीते है
जब बच्चा रोता अपने धूल से सने हाथों को साफ कर ममता से स्नेह, दुलार से पुचकारती एक औरत जब बच्चा रोता अपने धूल से सने हाथों को साफ कर ममता से स्नेह, दुलार से पुचकारती ए...
संसार की हर औरत में, स्नेही ममता दिखती है। संसार की हर औरत में, स्नेही ममता दिखती है।