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Harshita Gupta

Classics Fantasy

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Harshita Gupta

Classics Fantasy

हमसफर

हमसफर

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मैं कहूंगी नहीं तुम बिना कहे समझ लेना,

मेरी खामोशी का मतलब भी बिना बोले समझ लेना,


मैं बोलकर अपने आप को बयां नहीं करती,

पर तुम मेरी जरूरत को समझ लेना,

थोड़ी नासमझ हूं,


पर तुम मुझे समझना और समझा देना 

मुझे किसी का साथ नही चाहिए 

बस तुम मेरा साथ देना 


मुझे नहीं पता हमसफर कैसा होना चाहिए,

पर तुम ही मेरे हमसफर बनन।


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