हाय, चापलूसी !!!
हाय, चापलूसी !!!
अपनी स्वार्थ-सिद्धि हेतु
तुम लोग किसी भी हद तक गिरकर
उस "पावर-चेयर" पर बैठे
व्यक्ति के आगे-पीछे
दौड़-भाग कर
तमाशा दिखा सकते हो ,
मगर हक़ीक़त तो ये है कि
तुम लोग अपना
उल्लू सीधा करने के बाद
बहुत चालाकी से
अपना मुँह फेर लेते हो ।
ऐ चापलूसों ! अब तो ये
दिखावे का संपर्क बंद करो !
तुम लोगों की मुस्कराहट में भी
एक राज़ छुपा है...
ये बात समझदार लोग
बेशक जानते हैं !
तभी तो वो तुम जैसे
दोहरे चरित्र के लोगों से
हमेशा दूरी बनाए रखते हैं !
अब तो अपनी चापलूसी
बंद करो, ऐ चापलूसों !
क्योंकि तुम लोग पकड़े जा चुके हो...!!!
अपना पैर जमाने के लिए
तुम लोग अक्सर
दूसरों की बरबादी का
कब्र खोदते फिरते हो...।
ये बहुत बुरी बात है !
अरे, तुम लोग ऐसे क्यों हो...??
क्यों दूसरों की उन्नति से
ईर्ष्या भाव रखते हो...??
क्यों हमेशा
किसी विकसित इंसान की
पैरो तले ज़मीन खोदने की
फिराक में रहते हो...?
क्या तुम लोगों के पास
करने को और कोई
अच्छा काम नहीं है...??
