चेतावनी
चेतावनी
ख़रीद न पाओगे कभी तुम लोग मुझे,
दौलत-ओ-शोहरत की खुली बाज़ार में,
ऐ सौदागरों !
ये मेरा ईमान है, ऐ ज़ालिमों !
तुम्हारी चौखट पर पड़ी हुई
कोई सस्ती पायदान नहीं...!!!
मुझे दबाने की
कभी कोशिश भी न करना, ऐ ज़ालिमों !
मैं ज्वालामुखी हूं... !!!
तुम्हारी नकारात्मक सोच की शिखर
भेद करके निकलूंगा मैं....देखना !!!
