हक़ीक़त यही है !!!
हक़ीक़त यही है !!!
इस रंग बदलती दुनिया में...
इंसानियत बिकती है कौड़ियों में
यहां इंसानों के बाज़ार में...
बस ईमान को पैरों तले मसलकर
चमचों की दलाली में
अपने हाथों को
काला करना पड़ता है...
बेईमानों की महफिलों से भरी
इस बेरहम दुनिया में...!!!
