बुरा न मानो, होली है !!!
बुरा न मानो, होली है !!!
उमंग छाई है चहुओर होली की...
रंग बरसे हवा में फागुन की...
हर चेहरे पर लगे ग़ुलाल होली की !
मिटे दूरियाँ दिल की,
गूंजे हंसी आंगन-आंगन...!
छींटें उड़े पिचकारी से
रंग-बिरंगे ग़ुलाल के...!!!
घुले मिठास गुझिया की
हर दिल में, दोस्तों !
जागे यारी नई-पुरानी
होली की रंग-ए-महफ़िल में...
रागिनी हो प्यारी सबकी होली रंगों की...
सब गिले-शिकवे जाएं भूल हम...
चलो, एक दूजे को लगाएँ रंग सारे
पावन प्रेम और स्नेह भावनाओं की...!!!
आओ, मिलकर नाचें-गाएँ, मौज मनायें,
ये जो मौक़ा है होली की...!!!
चलो, बाँटें सदा खुशियाँ हर एक दिल में...
रहे न कोई मायूस, ग़म में ज़िन्दगी की...
क्योंकि, जान लो, दोस्तों,
ये ग़म है बस पल भर की...
आगे, देखना, मिलेगी खुशियाँ तुमसे
क़िश्तों में खोलकर पिटारा
नायाब पलों की...
आओ, चलो, मनायें होली
देश की धड़कनों में घोलकर गुलाल
एकता की संगठित प्रयासों की...!!!
होली है, दोस्तों, सात रंगों में घुलकर
मनाओ त्यौहार होली की...!!!
