हे आज के युवा!
हे आज के युवा!
जब सबका विकास होगा,
तभी सबका साथ मिलेगा !!!
और तभी ये देश
आगे बढ़ेगा...
वरना आपके सपने
"मुंगेरीलाल के हसीन सपने"
बनके रह जायेंगे...!!!
उठिये, हे आज के युवा!!!
जागिये, हे आज के युवा !!!
सही समय पर
यथोचित कर्म कीजिये...!!!
अपना समय सिर्फ
'चलंत दूरभाष यंत्र' में ही
न बर्बाद करें...!!!
सुबह नींद से जागकर
बिस्तर पर बैठे-बैठे ही
'चलंत दूरभाष यंत्र' में झांकने की
बुरी लत न लगाएं...!!!
वास्तव में जीयें...
सपनों की दुनिया को
हमेशा के लिए अलविदा करें...
इस समाज में
एक उद्यमी इंसान बनकर जीयें...
स्वयं को जाग्रत करें...!!!
भारत माँ आप सबको पुकार रहीं हैं...
उठिये !!! जागिये !!! हे आज के युवा !!!
