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Akhtar Ali Shah

Abstract

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Akhtar Ali Shah

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हंसना जीवन सार सुनो

हंसना जीवन सार सुनो

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ये दुनिया रंग रंगीली है

बेशक छेल छबीली है

गर जीना है इस दुनिया में, 

रोना है बेकार सुनो

हंसना जीवनसार सुनो


ये चाहत राहत की रातें

कशिश मोहब्बत की बातें 

जीवन का आधार बनी है, 

नर नारी की सौगातें 


हुस्न इश्क तो सदियों से ही, 

बने हुए आधार सुनो  

गर जीना है इस दुनिया में

रोना है बेकार सुनो 

हंसना जीवन सार सुनो  


आता है जो इस दुनिया में, 

दुनिया से जाता भी है 

दुख में जो रोता रहता है

वो हंसता गाता भी है 


प्रतिपल लेकिन चले निरंतर, 

सांसों का व्यापार सुनो

गर जीना है इस दुनिया में, 

रोना है बेकार सुनो

हंसना जीवनसार सुनो


हार जीत जीवन के पहलू

कभी जीत तो हार कभी 

मातम कभी मुहर्रम का तो

खुशियों का त्योहार कभी


कभी धूप का अभी छाव का, 

दर्शन है संसार सुनो  

गर जीना है इस दुनिया में

रोना है बेकार सुनो  

हंसना जीवनसार सुनो।


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