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Praveen Gola

Abstract

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Praveen Gola

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व्यवसाय

व्यवसाय

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चौदह जून की सुबह बनाई ठंडाई

मेवे खसखस की सब जगह खुशबू छाई

प्यारी डायरी गर्मी से थोड़ी मिली निजात

पीकर सबके चेहरों पर आई खिलखिलाहट।


दोपहर में आज फिल्म देखने का दौर चला

नेटफिलिक्स की सब्सकृपशन का शोर बढ़ा

टाटा स्काई अब पुराना हो चला है

हर घर में वेब सीरीज़ देखने का शौक पला है।


रात खाना खाने के बाद बच्चों के संग हुई वार्तालाप

जिसमे उनके भविष्य के सपनों पर बुनी एक किताब

और अंत में यही निष्कर्ष निकाला ....

कि व्यवसाय बढ़िया वही जो दिल से कर डाला।


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