STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract

4  

सोनी गुप्ता

Abstract

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं

1 min
254

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाना

जा रही है जान हमने जाना


मास्क लगाकर निकलना है प्यारे

सैनिटाइजर हाथों को करना है प्यारे

अपनों की जान है बचाना

जा रही है जान हमने जाना

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाना


गली मौहल्ले जहाँ से गुजर

अपनों की तू परवाह तो कर

घर पर रहकर दिन बिताना

जा रही है जान हमने जाना

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाना


माना मौत आनी है आयेगी इक दिन

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाना

जरूरी हो तभी बाहर जाना

जा रही है जान हमने जाना

बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract