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Mukesh Bissa

Abstract

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Mukesh Bissa

Abstract

होते हैं कुछ लोग

होते हैं कुछ लोग

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होते है कुछ लोग

भाव विहीन होते है


होते है कुछ लोग

जो रोते है न हंसते हैं


होते है कुछ लोग

लक्ष्य पे अडिग होते है


होते है कुछ लोग

तनहाई में रोते हैं


होते हैं कुछ लोग

आंसू में दर्द पीते हैं


होते है कुछ लोग

अपना बोझा खुद ढोते है


होते है कुछ लोग

भावनाओं में बहते है


होते है कुछ लोग

दिलों से खेलते हैं


होते हैं कुछ लोग

सपने लेके सोते हैं।


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