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Mukesh Bissa

Abstract

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Mukesh Bissa

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जिंदगी

जिंदगी

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ज़िंदगी एक सफर है सुहाना,

कभी हँसी तो कभी अफसाना।

कभी धूप है, कभी छाँव है,

कभी हँसी, कभी भाव है।


चलते रहो तो राह मिलेगी,

हर मोड़ पर नई सुबह खिलेगी।

संघर्ष ही इसकी पहचान है,

हर चुनौती एक नई उड़ान है।


गिर के उठना, फिर चल पड़ना,

खुद से खुद की जंग लड़ना।

जो थक गए, जो रुक गए,

वो जीवन के असली रंग से छूट गए।


उम्मीदों का दीप जलाते रहो,

ख्वाबों की कश्ती बहाते रहो।

ज़िंदगी है, जीने का नाम,

हर पल को खुलकर गाते रहो।



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