STORYMIRROR

Mukesh Bissa

Abstract

4  

Mukesh Bissa

Abstract

भारत

भारत

1 min
13


विविधता में एकता की मिसाल है तू, 

भारत, तेरा रंग हर दिल को भाता है। 

गंगा-जमुना की माटी की सुगंध, 

हर ज़ुबान में तेरा नाम सजता है।


हर पर्व, हर त्यौहार, तेरी पहचान, 

संगम तेरा, हर जाति और धरम का सम्मान। 

हिमालय की ऊँचाइयों से लेकर, 

सागर की लहरों तक, तेरा विस्तार है विशाल।


तेरी धरती पर बसी हैं कहानियाँ अनगिनत, 

संस्कृति की लहरें, इतिहास की गहराइयाँ। 

शौर्य की गाथाएँ, वीरता की आवाज़, 

तेरे सपूतों की तपस्या और बलिदान की सदा याद।


हर गाँव की गलियों में बसी है तेरी सजीवता, 

हर शहर में, हर कोने में तेरा नूर है। 

अलग-अलग रंग, पर एक ही धारा, 

भारत, तेरे विविध रूपों में छुपी है एकता का प्यारा।


विकसित हो, आगे बढ़, हर चुनौतियों से पार, 

भारत, तेरी पहचान है, सब पर भारी। 

तेरे अदम्य संघर्ष और प्रेरणा को सलाम, 

तेरी महिमा में बसी है हर भारतीय की पहचान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract