शेष है बहुत कुछ
शेष है बहुत कुछ
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निरंतर ही तू बढ़ता चल
इन बाधाओं के मार्ग पर
तेरी जीवन की राह की
वो मंजिल अभी शेष है।
हिम्मत कभी न हारना
लंबे सफ़र को देख कर
वो लक्ष्य पूर्ण पाने का
वो विश्वास अभी शेष है।
काली रातें है वक्त की
कभी तो डगमगायेगी
बस खुद में रख हिम्मत
आशाएं सारी अभी शेष है।
हो जायेगा एकाकी
एक समय ऐसा आएगा
मत खोना जोश होश
तेरी आस अभी शेष है।
थक जाए जब चुरकर
चल उठना बस ये सोचकर
कदम दर दर कदम की
वो गणना अभी शेष है।
