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Mukesh Bissa

Abstract

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Mukesh Bissa

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बारिश की बूंदें

बारिश की बूंदें

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बारिश की चाशनी, बूँदों की माला,

प्रकृति के रंगों में भरती है बाला।

हर बूँद की मिठास में छुपी है कहानी,

सृष्टि के सुंदर दृश्य, भावनाओं की रानी।


पानी की ये बूँदें, मन को भातीं,

सपनों की ऊँचाइयों में खो जातीं।

ठंडक की ये लहरें, दिल को छू जातीं,

अधरों पर हंसी, आंखों में खुशियाँ लातीं।


बारिश की झड़ी, जैसे मन की धुन,

हर बूँद एक संगीत, हर बूँद एक जुनून।

धरती को मिलती है राहत की नींद,

आसमान की बांहों में, हर दिल का सुकून।


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