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JAYANTA TOPADAR

Abstract Classics Inspirational

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JAYANTA TOPADAR

Abstract Classics Inspirational

प्रार्थना   

प्रार्थना   

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हम मानव केवल
अपने मन की इच्छा ही
प्रकट कर सकते हैं ;

हम मानव केवल
अत्यंत धैर्यपूर्वक
प्रतीक्षा कर सकते हैं...

हम मानव केवल
भरोसा रख सकते हैं... ;

ऊपरवाले से यह पूछना
हमारा काम नहीं
कि मन की इच्छापूर्ति
कब होगी...।

हक़ीक़त तो ये है कि
जब उपरवाले की
मर्ज़ी होगी,
तब होगी... ;

उपरवाले के द्वार पे
किसी ओहदे की
कोई क़ीमत नहीं,

आप एक साथ
बहुत कुछ पाने की
होड़ में जल्दबाज़ी करेंगे,
तो आनेवाले समय में
घोर संकट का
सामना करने की 
कगार पर आकर
खड़े होने की 
नौबत भी आ सकती है...!!!
इस बात का ज़रूर
ख्याल रखें...!

हे मानव ! अधीर न हों...
अपने अंतर्मन से 
प्रार्थना करें...


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