संघर्ष को अपना लो...
संघर्ष को अपना लो...
ऐ इंसान ! अगर तेरे नसीब में
जद्दोजहद लिखा गया है,
तो हर हाल में तुझे
संघर्ष को आगे ले जाना होगा...!!!
वो संघर्ष महज़
चार दिनों का नहीं,
इतना समझ लो कि
तुझे इस संघर्ष को ही
अपना रुतबा मान कर
गर्व से ज़िन्दगी जीना है,
न कि खुद को कोसते रहना है...!!!
ऐ इंसान ! तेरी हस्ती भी नहीं रहेगी,
अगर तू संघर्ष से पीठ दिखाकर
मैदान-ए-जंग से भाग खड़ा हुआ...!!!
तू इतना जान ले कि
बिना संघर्ष के आज तक
किसी ने अपनी क़िस्मत नहीं चमकाई...
फिर तू किस खेत की मूली है...???
ऐ इंसान ! तुझे भी तो अपनी औक़ात दिखाने के लिए ही सही,
आगे बढ़कर
संघर्ष को गले लगाना होगा...!!!
इसके सिवाय तेरे पास
और कोई चारा नहीं...।
