STORYMIRROR

Madhu Vashishta

Classics Inspirational Thriller

4  

Madhu Vashishta

Classics Inspirational Thriller

भोले जी का विवाह

भोले जी का विवाह

2 mins
300

न्यौता भेजा है संसार को तुम सब आना।

मेरे भोले का है विवाह अरे तुम सब आना।

ऐसा विवाह फिर ना देख पाओगे।

दानव देव दोनों को ही तुम

इस विवाह में सम्मिलित पाओगे।


मेरे भोले के तो सब है अपने,

जो ध्यावे उसके पूरे करते हैं सब सपने।

गौरी मैया भोला की संगिनी है।

उसकी सानी कहीं नहीं है।


भोला की मनभावन प्यारी, जाए भोला पर वारि-वारि।

भोला के खेल से घबराई    

यह भूतों की बारात क्यों कर लाई ?

रानी मैना बरात देख घबरावे

पार्वती मां को गले लगावे।

हम ना करें विदाई यह बरात कैसी आई।

मां पार्वती ने हाथ जोड़ मनाया

भोले बाबा को बहुत समझाया।


मान गए त्रिपुरारी देखो बारात कैसी आई।

मैना रानी हैरान रह गई।

ब्रह्माणी हो या हो लक्ष्मी मैया,

सारी देवियां बारात में आई।

तरह-तरह के वाहन साजे।

सकल देवता उन पर थे विराजे।

चारों ओर मनोहर चांदनी छाई

उनके सुंदर आभूषणों ने छटा है बिखराई।


यह बारात कैसी आई।

मृदंग पर नाचे नारद बाबा।

सब देवताओं ने दर्शन दीन्हा।

जिस ने जो चाहा वो ही दीन्हा।

ऐसी बारात देख मैना रानी फूली न समाई।

खुश हो सारे घराती नाचे।

घराती नाचे, बाराती नाचे।


नाचे मैना माई,

शिव कुंवर की तिलक कराई।

यह बारात कैसी आई!

ऐसा दूल्हा कभी ना देखा।

माथे पर है चांद विराजे।

मनमोहक मुख कैसा साजे।

गौरी माता है सकुचाई

यह बारात कैसी आई!

शिव जी ने जयमाला पहनाई।

पार्वती मां मन मन मुस्काई।


जब उन्होंने शिव जी को जय माला पहनाई

ऐसी जोड़ी कभी ना देखी।

गौरी मां थी बहुत लजाई।

यह बारात कैसी आई।

आकाश से पुष्प बरसने लगे

मुनि मंत्रोच्चार करने लगे।


ऐसा समां बांधा वहां पर,

अश्व सूर्य के भी रुक गए

रुक गई चंद्रमा की गति भी

जो जहां था वहीं वह हैरान होकर खड़े रहे।

रुक गई वाणी मेरी भी आगे कथा कैसे कहें।


आना जरूर विवाह में सारे

जो भी है भवसागर में पड़े।

तर जाओगे तुम पार जाओगे

भोले पार्वती के जो चरण है पड़े।

भगवन दया करना सभी पर

माया मोह के वश सब हैं पड़े।


हम सब बराती बन के भोले शरण तुम्हारी आए हैं।

सबकी इच्छाएं होंगी आज पूरी यह विश्वास मन में लाए हैं।

जय भोले जय भोले जय जय भोले हर हर महादेव

हर महादेव जय जय जय जय जय जय महादेव।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics