रिश्तों का आइना
रिश्तों का आइना
हम कोई दिखावट नहीं है,
रिश्तों की सजावट नहीं है।
हमारे व्यवहार में सच्चाई है,
मतलबी झूठी बनावट नहीं है।
तुम्हें हो जरूरत तो रिश्तेदार हैं हम,
तुम्हारी जरूरत खत्म तो रिश्ता खत्म।
रिश्ते निभाने हम जानते हैं ,
पर मूर्ख बनना नहीं मानते हैं।
आईना है हम तुम्हारे व्यवहार का,
जवाब जरूर मिलेगा तुम्हें व्यवहार का।
अपना फायदा नहीं उठाने देंगे तुमको,
धोखा नहीं होगा परिणाम प्यार का।
दूसरी बार हम बरतते नहीं,
व्यवहार किसी का भूलते नहीं,
सदा सुखी रहे सब--- दुआ हमारी है,
जीवन में दोबारा अब जगह नहीं तुम्हारी है।
