STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Action Classics Children

4  

Kanchan Prabha

Action Classics Children

भारत की है बात निराली

भारत की है बात निराली

1 min
425

भारत की है बात निराली 

खेतों में छायी हारियाली


रंग बिरंगे फूल खिले हैं 

प्रेम सूधा में दिल मिले हैं 


नदियाँ बहती छम छम छम 

आओ मिल कर नाचे हम


पेड़ों के पत्ते मुस्काए

पँछी सुर में गाना गाये


सूरज अपनी आँख दिखाता

सबको छाया ओर भगाता 


चन्दा जब आकाश मेें आता

शीतल काया साथ मेें लाता


जंगल में जब नाचे मोर

वर्षा मचाए टप टप शोर


सिर पर डाले मटका रानी

लचक लचक कर भरती पानी


बागों में भँवरे की गुंजन 

महके मधुवन आम के मंजर


तितली रानी पंख फैलाकर 

उड़ कर बैठी छत पर जाकर 


धरती पर यूँ आता बहार

जब भी आता कोई त्योहार


दुशमन समझो एक इशारा 

देश हमारा जान से प्यारा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action