ये नयन बोल पड़े
ये नयन बोल पड़े
अगर ये नयन बोल पड़े
तो सोचो क्या ग़ज़ब होगा?
समुद्र की उफनती लहरों सा,
जो इसमें सैलाब आएगा
पंछियों के मीठे से स्वर में ,
लफ्जों की प्यारी बातें घोल जाएगा
दूर पहाड़ पर बैठा पंछी
दो नयनों से कौनसी बात पूछेगा ?
अगर ये नयन बोल पड़े तो,
मौन हुए शब्दों को कितना अर्थ मिल जाएगा

