खिलता अमलतास
खिलता अमलतास
सूर्य की किरणों में
खिला जो अमलतास सौंदर्य
देख धरा पर रंग बिखरे
हज़ारों स्वप्न सजीले
टहनिया प्रेम के फ़ूलों से महकी है
पहचान उसकी आसमान के तारों जैसी है
पतझड़ में खिलता अमलतास
जीवन ऋतु सजाये अमलतास
तपिश की परछाई में
स्वाभिमान का अस्तित्व अमलतास

