शब्द पलाश
शब्द पलाश
तुम्हें याद करते हुए,
मन में एक बार फिर से दोहराया की,
पलाश की तरह ही तुम भी,
ज्वलंत हो मेरी शब्दों में,
इस कविता में,
दो राहों में,
इन बरसते बादलों के भाव में
क्या तुम भी मुझे याद करती हो,
उस पलाश के फूलों को देखते हुए,
मेरे शब्द, मेरी कविता,
उन्होंने देखा है,एक शब्द पलाश
बसंत में और बसंत जाने के बाद भी

