STORYMIRROR

Anil Pandit

Drama Romance Fantasy

4  

Anil Pandit

Drama Romance Fantasy

प्रेम के प्रेमपत्र

प्रेम के प्रेमपत्र

1 min
1

प्रेम के प्रेमपत्र पढ़कर

प्रेम महसूस करता कोई…..

 

उस प्रेमपत्र में

प्रेम के अलावा कुछ भी नहीं

 

कोई बैठा था नदी किनारे

लिखते हुए नदी में प्रवाहित प्रेम के अर्थ

एक नदी बहती है प्रेम में समुद्र के

 

कोई कभी नहीं भीगा प्रेम के बारिश में

लेकिन अब कोई प्रेम का अर्थ ढूंढ लेता  है बारिश में

वर्षा का आगमन होता प्रेम के लिए

 

जब भी कभी कोई फूल खिल जाता है

किसीको  मालूम  होता है उसीके सुगंध में प्रेम ही है

एक फूल का प्रेम उसकी सुगंध है

 

सुबह की ओस की बूँदों में प्रेम ही है

उसके अप्रतिम अर्थ एक नई दुनिया देख सकते है

 

 अचल  पर्वत बरसता प्रेम

हो जब  कोई प्रेम में

वहीं प्रेमपत्र में पर्वत का अर्थ

असीमित प्रेम हो जाता है

 

प्रेम का प्रेमपत्र पढ़कर

प्रेम  महसूस करता कोई……

 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama