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Antariksha Saha

Drama Tragedy

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Antariksha Saha

Drama Tragedy

उंगली पकड़ कर

उंगली पकड़ कर

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उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ,

पता नहीं क्यों वो छोड़ गया मेरा साथ।


मेरी अनकही बातों को समझने वाले जज़्बात,

पता नहीं क्यों खुदा को नहीं आये रास।


मेरी सभी ख्वाहिशों को सुनने वाले,

पूरे हो या ना हो पर भरकस कोशिश करने वाले।


पता नहीं क्यों आज भी गुज़ारिश करता हूँ,

थोड़ा ही सही दिल में आज भी,

उनके पूरे होने की ख्वाहिश रखता हूँ।


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