Antariksha Saha
Action Classics Inspirational
सितमगर हो तुम सितम ढाते जाओ हम सपने देखने वाले उसे नकार कर कोशिस करते जाएंगे जीत ना मिले तो सही कभी कोशिश का दामन नहीं छोडेंगे जिद या अहंकार नहीं है मजदूर है हम लड़ना हम भूले नहीं
मूरत
घाव कुछ गहरे ...
ख़ामोशी
मजदूर
झूठी मुस्कान
लक्ष्य
फ़ोन नंबर
मीठी चासनी
घर
angrayian
जिस तरह भी सजा लो हमें एक न एक दिन तो हमें टूट जाना होता है जिस तरह भी सजा लो हमें एक न एक दिन तो हमें टूट जाना होता है
तुम्हें ये सब बदलना है अपने जैसे लोगों के साथ मिलकर सबके लिए। तुम्हें ये सब बदलना है अपने जैसे लोगों के साथ मिलकर सबके लिए।
मानती हूँ थोड़ी पागल हूँ पर इतना अहसास जरूर है मानती हूँ थोड़ी पागल हूँ पर इतना अहसास जरूर है
और नित नवीन भावों, नए विचारों, सकारात्मक सोच आशावादी दृष्टिकोण को जन्म देते हैं। और नित नवीन भावों, नए विचारों, सकारात्मक सोच आशावादी दृष्टिकोण को जन्म देते ह...
अनुशासन में वह दिखाई देते हैं बहुत कठोर, पर दिल से हैं वह रेशम सी नाज़ुक डोर ! अनुशासन में वह दिखाई देते हैं बहुत कठोर, पर दिल से हैं वह रेशम सी नाज़ुक डोर !
आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन बन पायेंगे। आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन...
दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो? दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो?
अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं। अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं।
राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी। राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी।
मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे के सर आयी, मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे क...
बड़े बड़े बंगलों की बात नहीं है यह साहब मुझे तो अपना घर ही प्यारा लगता है। बड़े बड़े बंगलों की बात नहीं है यह साहब मुझे तो अपना घर ही प्यारा लगता है।
पहल हमारी होनी चाहिये, बनाए चरित्रवान, संस्कार के बल पर ही, जाने सारा ही जहान।। पहल हमारी होनी चाहिये, बनाए चरित्रवान, संस्कार के बल पर ही, जाने सारा ही जह...
जब मैं समाज में बैठूँ तो बगल वाला पास से उठ जाता है। मंदिर में मेरा जाना जैसे अछूत ही जब मैं समाज में बैठूँ तो बगल वाला पास से उठ जाता है। मंदिर में मेरा जाना जैसे...
नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे। नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे।
रणभूमि में आज, मचा गया भूचाल। रणभूमि में आज, मचा गया भूचाल।
रखकर प्रगति पथ की नयी एक नींव, करेंगे एक नव भारत का निर्माण। रखकर प्रगति पथ की नयी एक नींव, करेंगे एक नव भारत का निर्माण।
हम तो रहे निश्चिंत घरों में, कि सीमा पर तैनात सेना है। हम तो रहे निश्चिंत घरों में, कि सीमा पर तैनात सेना है।
अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।। अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।।
हाथ पसारा रोटी को तो बस गाली ही खाई है अपने मेहनत के बदले में शोषण ही तो पायी ह हाथ पसारा रोटी को तो बस गाली ही खाई है अपने मेहनत के बदले में शोषण ही ...
पापा-मम्मी के साथ दिवाली मनाई। और रेलगाड़ी की मौज मनाई। पापा-मम्मी के साथ दिवाली मनाई। और रेलगाड़ी की मौज मनाई।