STORYMIRROR

Antariksha Saha

Action Inspirational

4  

Antariksha Saha

Action Inspirational

बंधा है किसने तुझे

बंधा है किसने तुझे

1 min
297

बंधा है किसने तुझे

आगे है तेरा मोड़

उड़ जा तू उस ओर पंछी

जहाँ पिया मिलन की डोर


मुकाम तेरा आसमान है

दे पंखों को जोड़

हौसला रख बुलंद पगले

पीछे रख दुनिया की सोच


रब ने कहाँ तेरा हाथ छोड़ा है

लगा दहाढ़ उस ओर

कितने भी लोग कह ले

विश्वास रख

तुझे कोई ना पाए रोक


आज तेरा ना हुआ तोह क्या

आने वाले हर मोड़ पर आघास

तपता है वही जिसकी भक्ति

है वह ही

सहता है जिसकी शक्ति

है वह ही


बंधा है किसने तुझे

आगे है तेरा मोड़

उड़ जा तू उस ओर पंछी

जहाँ पिया मिलन की डोर


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action