Jalpa lalani 'Zoya'
Action Inspirational
वापस नहीं आता जो वक़्त चला गया है
बदलाव लाने का अब वक़्त आ गया है
नामुमकिन है वक़्त से आगे निकलना
वक़्त के साथ न चला उसे रोका गया है
कोशिशों से हर हालात को है बदलना
हुई है हार जब तक़दीर पे छोड़ा गया है।
किताब-ए-ज़िन्द...
राब्ता
तिश्नगी-ए-क़ुर...
दिलनशीं
चाहत तेरी
पास आओ कभी
ज़ुल्फ़ का साया
हमसा कहाँ मिल...
तू है गीत मेर...
नाउम्मीदी में...
अब हम देखना भी कहां चाहते हैं खुद के सिवाय दूसरे किसी प्राणी को अब हम देखना भी कहां चाहते हैं खुद के सिवाय दूसरे किसी प्राणी को
मन को विरिक्त कर तू खुद में दे लगा अकेला चल सोच से होगा तेरा भला। मन को विरिक्त कर तू खुद में दे लगा अकेला चल सोच से होगा तेरा भला।
जीवन का यही सार है उसकी महिमा अनंत अपार है। जीवन का यही सार है उसकी महिमा अनंत अपार है।
कवि शब्दों के भाव से, बता सकता जन छवि।। कवि शब्दों के भाव से, बता सकता जन छवि।।
कुछ भी हो जाए वो मेरी है, दुनिया को मुझे अब बताना होगा। कुछ भी हो जाए वो मेरी है, दुनिया को मुझे अब बताना होगा।
जवानी से बुढ़ापे की तरफ़ बढ़ना, कुछ रिश्तों ने सदा के लिए छोड़ा। जवानी से बुढ़ापे की तरफ़ बढ़ना, कुछ रिश्तों ने सदा के लिए छोड़ा।
ज़्यादातर पत्नियों को अक्सर प्यार ज़्यादा तो है होता ज़्यादातर पत्नियों को अक्सर प्यार ज़्यादा तो है होता
इतना कमजोर नहीं कि अपनी गलती मान न सकूँ। इतना कमजोर नहीं कि अपनी गलती मान न सकूँ।
मानव जीवन को व्यर्थ ना गंवाना। दुनिया में आए हो तो कुछ सकारात्मक ही कर जाना। मानव जीवन को व्यर्थ ना गंवाना। दुनिया में आए हो तो कुछ सकारात्मक ही कर जाना।
इसी भागते शहर से ठहरे गांव ले जाये, बस वही प्रेम है...! इसी भागते शहर से ठहरे गांव ले जाये, बस वही प्रेम है...!
किसी को भी जिंदगी में, यह जिंदगी बार-बार नहीं मिलती। किसी को भी जिंदगी में, यह जिंदगी बार-बार नहीं मिलती।
एक हल्की सी आँधी सत्य की फैला देगी जब अपनी झंकार एक हल्की सी आँधी सत्य की फैला देगी जब अपनी झंकार
तारीफ़ हज़म नहीं होती नहीं चाहिये ये मान। तारीफ़ हज़म नहीं होती नहीं चाहिये ये मान।
स्वतंत्र देश है अब यहाँ, लोकतंत्र आधार। काबिल नेता तुम चुनो, मत का है अधिकार स्वतंत्र देश है अब यहाँ, लोकतंत्र आधार। काबिल नेता तुम चुनो, मत का है अधिकार
सता तुझे ये अकेला छोड़ जायेगी कौन चला है पग - पग सदा एक साथ ये सत्य बतायेगी। सता तुझे ये अकेला छोड़ जायेगी कौन चला है पग - पग सदा एक साथ ये सत्य बतायेगी।
तेरी स्वछंद उड़ान से ही, बनता ये अपूर्ण ब्रह्मांड, पूर्ण पूर्ण है। तेरी स्वछंद उड़ान से ही, बनता ये अपूर्ण ब्रह्मांड, पूर्ण पूर्ण है।
रंगों का त्योहार बड़ा रंगीला है भाई, रंगों का त्योहार बड़ा रंगीला है भाई,
हर तरफ है धूम मची , आया देखो फाग धरती से आकाश तक, गूंजे फागुन राग।। हर तरफ है धूम मची , आया देखो फाग धरती से आकाश तक, गूंजे फागुन राग।।
मंथन हमारे लिए जरूरी है मंथन भारत के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। मंथन हमारे लिए जरूरी है मंथन भारत के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है।
आविष्कार बहुत है, करना है उसका कैसे इस्तेमाल यह सब तुम्हारे ही हाथ है। आविष्कार बहुत है, करना है उसका कैसे इस्तेमाल यह सब तुम्हारे ही हाथ है।