STORYMIRROR

Rushil Agarwal

Drama Tragedy Action

3  

Rushil Agarwal

Drama Tragedy Action

कृष्ण भी न साथ है

कृष्ण भी न साथ है

1 min
35

यज्ञासेनी सी आज फिर से

क्यों तू झुलस रही

धर्मसभा में खड़ी फिरसे

क्यों तू सिसक रही


दुर्योधन भी आज एक नहीं

दुशासन के भी चार चार हाथ है

मौन फिरसे ज्ञानी है सब

कृष्ण भी ना साथ है

कृष्ण भी ना साथ है।


देख ना ऊपर ईश को

सखा तेरा यहां नहीं कोई

किसी से न रख आस तू

आबरू तेरी जो लुट रही  


ना जा रूदन करती किसिके पास तू

उठ खड़ी होजा काल सी

लड़ जाने की सी बात है

कृष्ण भी जो ना आज साथ है

कृष्ण भी जो ना आज साथ है। 


ज्वाला सी तेज रख  

पास आने में भी वोह घबराएगा

बिगुल बजा एक युद्ध का

महाभारत भी आज दोहराएगा

शिखंडी सा साहस रख

तप बना तू जीवन को

बन कठोर पत्थर सी


चंचल ना रख अब मन को

न्याय का सूरज है डूब चुका 

अनंत ही अनंत अब रात है

कृष्ण भी जो न आज साथ है

कृष्ण भी जो न आज साथ है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama