दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)
Action
अगर तुमको सचमुच
ही पानी है
संयम की परिभाषा
तो बोलनी होगी
नारी के संग
नारीकी समझ की
भाषा
तुम पुरुष हो तो
यह मत भूलो कि
विश्वामित्र भी पुरुष थे
मेनका ने तोड़ी थी
उनकी मौन भाषा
यह एक तपस्या ही है
कि तुम्हारे सामने प्रकृति
रहे
और तुम पुरुष न रहो।
एकता
बाढ़ में
संयम
सफर
भीड़
हृदय
जीवन संघर्ष
जंगल
मजदूर !
क्षणभंगुर, नश्वर तन तज तक्षक बन मैं जी लूंगा। क्षणभंगुर, नश्वर तन तज तक्षक बन मैं जी लूंगा।
लहराएगा तिरंगा सबसे ऊंचा एक दिन जो देश को पुकारा जाना भारत महान बाकी है। लहराएगा तिरंगा सबसे ऊंचा एक दिन जो देश को पुकारा जाना भारत महान बाकी है।
यह जीवन है गतिमान आओ मिलकर गाएं जयगान। यह जीवन है गतिमान आओ मिलकर गाएं जयगान।
आज सहस्र कलम के सिपाही भी तुम सब को नमन कर गए। आज सहस्र कलम के सिपाही भी तुम सब को नमन कर गए।
चोट लगने से उनका ही देहान्त हुआ। चोट लगने से उनका ही देहान्त हुआ।
एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा। एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा।
कुछ कदम वो चलकर और कुछ कदम हम चलते ऐसे ही अपने फ़ासले मिटाना आता है। कुछ कदम वो चलकर और कुछ कदम हम चलते ऐसे ही अपने फ़ासले मिटाना आता है।
मैं प्रेमी जन्मभूमि का हँसकर सीमा पर मिट जाता हूँ। मैं प्रेमी जन्मभूमि का हँसकर सीमा पर मिट जाता हूँ।
जिन्हें जागना, जाग चुके तुम यूं ही सोते रहना सपनों में खोते रहना बीती पर रोते रहना आंसू को धोते ... जिन्हें जागना, जाग चुके तुम यूं ही सोते रहना सपनों में खोते रहना बीती पर रोते...
है धन्य भारत, है धन्य ये भूमि जिसकी मिट्टी के लाल हैं ये। है धन्य भारत, है धन्य ये भूमि जिसकी मिट्टी के लाल हैं ये।
शत्रु परिधि का वृत्त भेद कर, रचनी होंगी सीमाएं शत्रु परिधि का वृत्त भेद कर, रचनी होंगी सीमाएं
ईद दीवाली होली में हम सब, इक दूजे से गले हम मिलते हैं ! ईद दीवाली होली में हम सब, इक दूजे से गले हम मिलते हैं !
वापिस एक दिन आऊँगा और तेरी मांग सजाऊँगा। वापिस एक दिन आऊँगा और तेरी मांग सजाऊँगा।
भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती हो। भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती हो।
जाओ जवानों दुश्मनों को दे दो मात क्योंकि पूरा भारत है आपके साथ। जाओ जवानों दुश्मनों को दे दो मात क्योंकि पूरा भारत है आपके साथ।
हर माँ का एक जवान एक-एक इंच पर मर मिटेगा। हर माँ का एक जवान एक-एक इंच पर मर मिटेगा।
देश की माटी तिलक करे जो, वो ही मेरा मीत सखी। देश की माटी तिलक करे जो, वो ही मेरा मीत सखी।
हे वीर धन्य तुमसे ये सदैव धरा है तुम्हें कोटि-कोटि नमन सदा। हे वीर धन्य तुमसे ये सदैव धरा है तुम्हें कोटि-कोटि नमन सदा।
जब दुश्मन सर उठाएगा उसकी अर्थी वहीं उठ जाएगी। जब दुश्मन सर उठाएगा उसकी अर्थी वहीं उठ जाएगी।
हर सेनानी फौजी बनके है जीवित हमारे बीच खड़ा। हर सेनानी फौजी बनके है जीवित हमारे बीच खड़ा।