दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)
Action
अगर तुमको सचमुच
ही पानी है
संयम की परिभाषा
तो बोलनी होगी
नारी के संग
नारीकी समझ की
भाषा
तुम पुरुष हो तो
यह मत भूलो कि
विश्वामित्र भी पुरुष थे
मेनका ने तोड़ी थी
उनकी मौन भाषा
यह एक तपस्या ही है
कि तुम्हारे सामने प्रकृति
रहे
और तुम पुरुष न रहो।
एकता
बाढ़ में
संयम
सफर
भीड़
हृदय
जीवन संघर्ष
जंगल
मजदूर !
कभी अपनी काबिलीयत दिखाने के कारण कभी अपनी इज्जत बचाने के कारण कभी अपनी काबिलीयत दिखाने के कारण कभी अपनी इज्जत बचाने के कारण
अराजकतावादियो संभल जाओ, इसी में भलाई है। अराजकतावादियो संभल जाओ, इसी में भलाई है।
आदर करते थे आते जाते उसका वो जो सुनात थे बाहर निकलने पर तब। आदर करते थे आते जाते उसका वो जो सुनात थे बाहर निकलने पर तब।
मैं चंदन सा पादप शीतल सागर को मैं चला निकल। मैं चंदन सा पादप शीतल सागर को मैं चला निकल।
किया है सामना उसने, यहाँ जब आँधियाँ निकली। किया है सामना उसने, यहाँ जब आँधियाँ निकली।
तेरे सम्मुख आज सहज अनावृत अर्पित करती। तेरे सम्मुख आज सहज अनावृत अर्पित करती।
हक़ीक़त जीवन से रूबरू करें, ख़्वाब हमें जीने को प्रेरित करें। हक़ीक़त जीवन से रूबरू करें, ख़्वाब हमें जीने को प्रेरित करें।
हरे भरे लहलहाते खेत से, किसान भी गीत गुनगुनाता है। हरे भरे लहलहाते खेत से, किसान भी गीत गुनगुनाता है।
जवान तो कई देखे हैं हमने लेकिन अपने वीरों की बात अलग है जवान तो कई देखे हैं हमने लेकिन अपने वीरों की बात अलग है
मन ही मन में ललचाते है, खाने को खाने होटल के मन ही मन में ललचाते है, खाने को खाने होटल के
आज एक की हैै सरकारी नौकरी मां की छांव में दो हैं अपनी अपनी पढ़़ाई केे लिए अडिग दांव म आज एक की हैै सरकारी नौकरी मां की छांव में दो हैं अपनी अपनी पढ़़ाई केे लिए अड...
कभी कैद परिंदे करता था आज खुद के घर में कैद है। कभी कैद परिंदे करता था आज खुद के घर में कैद है।
घर की बैठकों, रसोई में पीला रंग उपयोगी है, मानसिक अवसाद दूर करने में भी उपयोगी है। घर की बैठकों, रसोई में पीला रंग उपयोगी है, मानसिक अवसाद दूर करने में भी उपयो...
अंंतः शत्रु पर भी प्रहार कर, तू अखंड ज्योत-सी जल। अंंतः शत्रु पर भी प्रहार कर, तू अखंड ज्योत-सी जल।
मैंने कहा की हुस्न हुस्न ए हैरत अंगेज़ है क्यूं कहने लगे की आप हुए फिदा आवेज़ है यूं मैंने कहा की हुस्न हुस्न ए हैरत अंगेज़ है क्यूं कहने लगे की आप हुए फिदा आवेज़...
जीवन में नित खुशियाँ आएंँगी यात्रा ए जिंदगी सुखद होती जाएगी। जीवन में नित खुशियाँ आएंँगी यात्रा ए जिंदगी सुखद होती जाएगी।
प्रेम प्यार का प्रतीक सभी को ये प्यार देता है। प्रेम प्यार का प्रतीक सभी को ये प्यार देता है।
आगाज का ना शोर कर आगाज़ को अंजाम दें। आगाज का ना शोर कर आगाज़ को अंजाम दें।
तुम कृष्ण की मीरा हो , कान्हा की राधा हो ब्रज के कण कण में बसी रासलीला हो तुम तुम कृष्ण की मीरा हो , कान्हा की राधा हो ब्रज के कण कण में बसी रासलीला हो तुम
समाज की बेड़ियों को कुचल के अरमानों की महल खड़ी कर सकती हूँ। समाज की बेड़ियों को कुचल के अरमानों की महल खड़ी कर सकती हूँ।