दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)
Action
अगर तुमको सचमुच
ही पानी है
संयम की परिभाषा
तो बोलनी होगी
नारी के संग
नारीकी समझ की
भाषा
तुम पुरुष हो तो
यह मत भूलो कि
विश्वामित्र भी पुरुष थे
मेनका ने तोड़ी थी
उनकी मौन भाषा
यह एक तपस्या ही है
कि तुम्हारे सामने प्रकृति
रहे
और तुम पुरुष न रहो।
एकता
बाढ़ में
संयम
सफर
भीड़
हृदय
जीवन संघर्ष
जंगल
मजदूर !
एक और एक ग्यारह होते हैं इस कहावत को चरितार्थ किया। एक और एक ग्यारह होते हैं इस कहावत को चरितार्थ किया।
माँ भारती के वीर सपूतों तुम्हें मेरा सलाम। माँ भारती के वीर सपूतों तुम्हें मेरा सलाम।
साथ में लेकर मां की ममता पिता का दुलार बहन का प्यार पत्नी बच्चों का संसार। साथ में लेकर मां की ममता पिता का दुलार बहन का प्यार पत्नी बच्चों का संसार।
उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम। उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम।
देशभक्ति क्या है ? सिखा गये भगतसिंग, राजगुरू, आजाद। हँसते चढ़ फाँसी का ताज। बाकी तो बस ... देशभक्ति क्या है ? सिखा गये भगतसिंग, राजगुरू, आजाद। हँसते चढ़ फाँसी का...
तेरी ममता भरी आँखों में भी शोलों की बौछार चाहिए। तेरी ममता भरी आँखों में भी शोलों की बौछार चाहिए।
इसी तरह अनेक वीरों की आहुति से आजादी हमने गले लगाई। इसी तरह अनेक वीरों की आहुति से आजादी हमने गले लगाई।
क्या करे ऐ भगत सिंह हिन्दुस्तान तुझे फिर माँगता है। क्या करे ऐ भगत सिंह हिन्दुस्तान तुझे फिर माँगता है।
जाकर देखो अपनी छत पर, मेरा तिरंगा पाओगे। जाकर देखो अपनी छत पर, मेरा तिरंगा पाओगे।
अब देखेगी ये दुनिया हिंद की माटी कितनी भारी है। अब देखेगी ये दुनिया हिंद की माटी कितनी भारी है।
शान-ऐ-हिन्द झन्डे को मरते दम तक झुकने न देंगे। शान-ऐ-हिन्द झन्डे को मरते दम तक झुकने न देंगे।
आंखें सबकी नम करके, वो नभ की सैर लगाएगी। आंखें सबकी नम करके, वो नभ की सैर लगाएगी।
पानी बरसे कमतर, ज्यादा लहू बरसता आया हैं। पानी बरसे कमतर, ज्यादा लहू बरसता आया हैं।
लौह स्तंभ सा समाज बने, जिसे कोई न सकता तोड़। लौह स्तंभ सा समाज बने, जिसे कोई न सकता तोड़।
घर घुस आतंकियों खोद कब्रिस्तान करता है। घर घुस आतंकियों खोद कब्रिस्तान करता है।
देश बचाना है तो जल्दी, यह आदेश करो जारी l देश बचाना है तो जल्दी, यह आदेश करो जारी l
आग देशभक्ति वाली सीने में मेरे ज़िंदा है। आग देशभक्ति वाली सीने में मेरे ज़िंदा है।
भारत माँ का हर वीर, शौर्य व दृढ़ता की अप्रतिम गाथा है। निश्चय जो किया, किया उसने, फिर न पीछ... भारत माँ का हर वीर, शौर्य व दृढ़ता की अप्रतिम गाथा है। निश्चय जो किया, किय...
मेघदूत के छन्दों को अब सबने मिलकर गाया है सत्तर सालों में अब कोई नया उजाला लाया है। मेघदूत के छन्दों को अब सबने मिलकर गाया है सत्तर सालों में अब कोई नया उजाला ला...
रहें हिफाजत मेरे देश की, इस जान की परवाह नहीं रहें हिफाजत मेरे देश की, इस जान की परवाह नहीं