दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)
Action
अगर तुमको सचमुच
ही पानी है
संयम की परिभाषा
तो बोलनी होगी
नारी के संग
नारीकी समझ की
भाषा
तुम पुरुष हो तो
यह मत भूलो कि
विश्वामित्र भी पुरुष थे
मेनका ने तोड़ी थी
उनकी मौन भाषा
यह एक तपस्या ही है
कि तुम्हारे सामने प्रकृति
रहे
और तुम पुरुष न रहो।
एकता
बाढ़ में
संयम
सफर
भीड़
हृदय
जीवन संघर्ष
जंगल
मजदूर !
अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।। अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।।
अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर
कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया। कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया।
सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश
ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा, ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा,
पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ, पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ,
कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है। कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है।
कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया, कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया...
कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं। कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं।
प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे ह...
इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, कहलाते तुम इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, ...
सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प्यार के सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प...
स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है। स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है।
आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी। आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी।
जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे
अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है। अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है।
हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे। हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे।