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दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)

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दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)

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भीड़

भीड़

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भीड़ चाहे इस पार की हो

भीड़ चाहे उस पर की

अगर पहचान गयी

तो मार ही डालेगी

अपने कुटिल,नुकीले

तर्किले दाँतों से


बचने की कला आती हो

तो इस्तेमाल करना

सीखो इस भीड़ की

ताकि दुनिया जान

जाय कि तुम्हारे पास 

भी अपनी वाली भीड़ है

जो तुम्हारे इशारे पर 

दूसरी भीड़ से तुम को

बचाकर

तुम्हारी इच्छा का राजा 

तुम को उनके लिए

बना सके


इसकी कला आती हो

गर, तभी निकलो

बाहर

नहीं तो भीड़

मार ही डालेगी

इधर वाली भी

उधर वाली भी


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