दिनेश तिवारी(भोजपुरिया)
Tragedy
भूख से बिलबिलाती
हिरनी,
ज्योंही चरकर शांत हुई
एक तीर लगा
मर गयी
जिसने मारा उसकी भूख
शांत हुई
जीवन संघर्ष जारी है
सदियों से।
एकता
बाढ़ में
संयम
सफर
भीड़
हृदय
जीवन संघर्ष
जंगल
मजदूर !
जिस दिन हम मेहनतकश चैन की नींद सोये रहते हैं ! जिस दिन हम मेहनतकश चैन की नींद सोये रहते हैं !
फिर बिना शिक्षा के वो सब कुछ सीख जाता है। फिर बिना शिक्षा के वो सब कुछ सीख जाता है।
पर जड़ कमजोर हो चुकी है, पैर टिक नहीं पा रहें, अब लोगों के मुँह से भी मेरे लिए दुआ के कुछ ... पर जड़ कमजोर हो चुकी है, पैर टिक नहीं पा रहें, अब लोगों के मुँह से भी ...
और सूने अब खेल के मैदान हो गए हैं, घर अब घर कहाँ ? सूने मकान हो गए हैं। और सूने अब खेल के मैदान हो गए हैं, घर अब घर कहाँ ? सूने मकान हो गए हैं।
यह नुक्क्ड़ में हम दिखाएंगे जो तेरी लिए आवाज़ उठाएगा वो मोब लिंचिंग में मारा जायेगा यही दे... यह नुक्क्ड़ में हम दिखाएंगे जो तेरी लिए आवाज़ उठाएगा वो मोब लिंचिंग में मा...
पिता कहता है कि बेटी संग चलता हूँ मैं तेरे दूसरे शहर में परीक्षा में कांपटीशन में रहूँगा... पिता कहता है कि बेटी संग चलता हूँ मैं तेरे दूसरे शहर में परीक्षा में कां...
हर गली चौराहे पर एक नया फसादी आया है। हर गली चौराहे पर एक नया फसादी आया है।
समझ लो नया दौर आएगा, बाकी और कुछ नहीं। समझ लो नया दौर आएगा, बाकी और कुछ नहीं।
कहीं तुम्हारे कहने का तात्पर्य यह तो नहीं कि एक चपरासी ने की है कोई बड़ी गलती अपनी पत्नी को पढ़... कहीं तुम्हारे कहने का तात्पर्य यह तो नहीं कि एक चपरासी ने की है कोई बड़ी ग...
आज हार स्वीकार कर रहे , बड़े खिलाड़ी झुक कर। क्योंकि जीत नहीं दे पाती , उनको सुख के सागर।। ... आज हार स्वीकार कर रहे , बड़े खिलाड़ी झुक कर। क्योंकि जीत नहीं दे पाती , ...
देश का रंग उड़ चुका है, दुनिया नहीं होगी हरी भरी, जबतक के इस देश का वो बच्चा भूखा ना सोए , वो माँ सि... देश का रंग उड़ चुका है, दुनिया नहीं होगी हरी भरी, जबतक के इस देश का वो बच्चा भूख...
कैसे रोऊँ मैं तो पुरूष हूँ न रोने का अधिकार नहीं है। कैसे रोऊँ मैं तो पुरूष हूँ न रोने का अधिकार नहीं है।
कितनी बदनसीब थी वो लड़की कि अपनी माँ को ठीक से माँ भी ना बुला पाई काश ये ना हुआ होता तो ... कितनी बदनसीब थी वो लड़की कि अपनी माँ को ठीक से माँ भी ना बुला पाई काश य...
पाँचों इन्द्रियाँ जो मेरी कायनात की जिम्मेदार हैं वो बीमार हैं और इन्ही के हाथों में मेरे समझ की ... पाँचों इन्द्रियाँ जो मेरी कायनात की जिम्मेदार हैं वो बीमार हैं और इन्ही के हा...
कैसी विडंबना है मेरी किस्मत में किस कारण में यहाँ आई हूँ ? कैसी विडंबना है मेरी किस्मत में किस कारण में यहाँ आई हूँ ?
अब उसने ज़बरदस्ती करने के इरादे से रसायनों की परत धरती को उढ़ाई अब खुश हुआ वो अब उसने ज़बरदस्ती करने के इरादे से रसायनों की परत धरती को उढ़ाई अब खुश हुआ ...
पर बैल बिना खेती कैसे, और घर बिना रहूँ कहाँ ? यह प्रश्न किसान को खाए जाता, ससुराल बिटिया... पर बैल बिना खेती कैसे, और घर बिना रहूँ कहाँ ? यह प्रश्न किसान को खाए जात...
सड़क गवाह थी सारे हादसों की पर वो कुछ नहीं बोली , वो चाह कर भी कुछ नहीं बोल सकती थी... उ... सड़क गवाह थी सारे हादसों की पर वो कुछ नहीं बोली , वो चाह कर भी कुछ नहीं ...
टेलीविजन पर यह प्रसारण नहीं हुआ अख़बारों पर भी यह लिखा नहीं गया जंगल इलाके की। . टेलीविजन पर यह प्रसारण नहीं हुआ अख़बारों पर भी यह लिखा नहीं गया ज...
कोमल पंखों वाली मैं रंग बिरंगी तितली हर बगिया की शान हूँ ,पर आज कीटनाशकों की वजह से बहुत परेशान हूँ कोमल पंखों वाली मैं रंग बिरंगी तितली हर बगिया की शान हूँ ,पर आज कीटनाशकों की वजह...