STORYMIRROR

Yashwant Rathore

Drama Romance Tragedy

3  

Yashwant Rathore

Drama Romance Tragedy

तू मुझसे खफ़ा

तू मुझसे खफ़ा

1 min
292

हूं मैं तुझसे या तू मुझसे खफ़ा

ऐ मन अब खुल के तू मुझको बता


गुम मैं ही था या ज़िंदगी हि को

ना था मालूम मेरे घर का पता


डर क्यों मौत का भी लगता नहीं

सांसें भी जब हो जाती हैं सज़ा


क्या हैं अब बदलना इस उम्र में

रह तू मुझसे और मैं तुझसे खफ़ा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama