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Yashwant Rathore

Drama Romance Tragedy

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Yashwant Rathore

Drama Romance Tragedy

तुम बड़ा याद आओगे

तुम बड़ा याद आओगे

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मेरी सोच में डूबे रहने की उम्र है

तुम्हारी मौज में डूबे रहने की उम्र है


तुम्हें जीवन आगे दिखायी देता है 

मुझे गुज़रा वक़्त सुनायी देता है 


तुम्हारे लिए वक़्त बहुत है

मुझे समय फिसलता दिखायी देता है


मैं तुम्हें इसी वक़्त आग़ोश में लेना चाहता हूँ 

कल मिलेंगे ,बहाना फिर वही सुनायी देता है


एक बात कहनी थी …

बहुत साथी बिछड़ गये …

एक दिन तुम भी घर चले जाओगे

अभी से कह दे क्या तुम्हें…

तुम बड़े याद आओगे …


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