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SANDIP SINGH

Drama

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SANDIP SINGH

Drama

मुझ पे तुम बरसा दो

मुझ पे तुम बरसा दो

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मुझ पे तुम बरसा दो,

 ढेर सारा प्यार बरसा दो।


मैं आतुर और उत्साहित हूं,

ढेर सारा ममता बरसा दो।


मैं खुशियों के दुनिया में हूं,

ढेर सारा खुशियां बरसा दो।


मैं एक याचक हूं,

सारी मनोकामनाएं पूर्ण कर दो।


मुझ पे तुम बरसा दो,

सद्बुद्धि और शक्ति बरसा दो।


मैं आरजू की वसियत हूं,

मुझे मेरी वसियत दिला दो।


मैं हाथ फैलाए खड़ा हूं,

मुझे सब कुछ देने की हद पार कर दो।


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