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Kavi Sammelan

Drama Romance

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Kavi Sammelan

Drama Romance

मेरा नया गीत

मेरा नया गीत

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रूठ कर इस तरह तुम न जाया करो ।

खता क्या है मेरी कुछ बताया करो ।।


छोड़कर जब से तुम गए हो चले

गम के बादल तभी से है छाए हुए ।

जिनको देखा कभी हम ने हँसते हुए

देखता हूँ उन्हें अब मुरझाए हुए ।।


हम उन्हें फिर कभी मिले न मिले

फूल दिल में मेरे फिर खिले न खिले

जान ले लो हमारी कोई शिकवा नहीं

पर कभी प्यार में ना सताया करो ।

खता क्या है !


जिस जगह तुम हमें मिली थी कभी

आज भी वह जगह हमको तो याद है ।

तुम हमें अ मिलो फिर उसी मोड़ पर

खुदा से तो मेरी ये ही फरियाद है ।।


उम्र भर हम तुम्हें प्यार करते रहे

सामने तुम रहो दी दार करते रहे

हर सजाएे तुम्हारी मुझे मंजूर है

इस कदर पर हमें ना रुलाया करो ।

खता क्या है !


कितने खुशनशी थे वो दिन जो बिताए थे संग

लौटकर फिर वो आए ऐसी किस्मत कहाँ ।

जिंदगी अब तो मेरी वीरान है

खुशियाँ भी है वही है मोहब्बत जहाँ ।।


प्यार तुम्हारा मिला तो संवर जाएँगे

वरना हम तो प्रिय फिर बिखर जाएँगे

बात जो भी कह दो मुझे बे झिझक

पर प्रिय दिल मेरा ना दुखाया करो ।


खता क्या है मेरी कुछ बताया करो ।।


रूठ कर इस तरह तुम न जाया करो ।

खता क्या है मेरी कुछ बताया करो ।।


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