STORYMIRROR

Neha Yadav

Drama

2  

Neha Yadav

Drama

तुम

तुम

1 min
157

मन तुम्हारा बहुत सरल है,

जैसे कीचड़ में खिला कमल है,


बिखरा बिखरा झूमिल सा,

मन चंचल थोड़ा सजल है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama