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S N Sharma

Tragedy Inspirational

4  

S N Sharma

Tragedy Inspirational

तेरी यादों का सहारा।

तेरी यादों का सहारा।

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जिंदगी को जब मिला तेरी यादों का सहारा।

साथ देता ही रहा है यह अकेलापन हमारा।


याद है तकरार की बातें कभी वह प्यार की।

नीर सा जीवन बहा है रह गया पीछे किनारा।


है नहीं आसान यादों की नदी से बाहर आना।

 बहाती ले जा रही हमें यह नदिया की धारा।


साज मैं आवाज थी तुम चांद था तुम चांदनी।

हो गया बेनाम सा में साथ छूटा जब तुम्हारा।


इस जहां से जाने वाले लौट कर आते हैं कब।

और अब तनहा कटेगा यह सफर बाकी हमारा।



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