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SHALINI SINGH

Romance Fantasy

3  

SHALINI SINGH

Romance Fantasy

तेरे संग!

तेरे संग!

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अंग-अँग हर रंग

तेरे रंग में रँग जाऊँ,

तू जो खेले होली संग

हीर ही बन जाऊँ।


बातें जो तेरी मिश्री सी

मैं भंग सी चढ़ाऊँ,

तेरे होठों से गुलाल चुम

अपने होंठों को सजाऊँ।


अंग-अंग हर रंग 

तेरे रंग मे रँग जाऊँ,

तू जो खेले होली संग 

हीर ही बन जाऊँ।


तेरी साँसों से मिली जो साँसें 

मैं इतर सी महकाऊँ,

तेरे सज़दे में झुका पलकें 

मैं चंदन सी निख़र जाऊँ।


अंग-अंग हर रंग 

तेरे रंग में रँग जाऊँ,

तू जो खेले होली संग 

हीर ही बन जाऊँ।


खुशियाँ तेरे नाम की जो 

ग़म भी तेरा पाऊँ,

तेरा प्यार पा के हमदम 

हर बार जीना चाहूँ।


अंग-अंग हर रंग

तेरे रंग में रँग जाऊँ

तू जो खेले होली संग

मैं हीर ही बन जाऊँ ।


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