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Rajit ram Ranjan

Drama Others

5.0  

Rajit ram Ranjan

Drama Others

स्त्री

स्त्री

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दया, ममता, करूणा ही,

स्त्री का हथियार है।

अगर वो दुख, दर्द, तकलीफ़

सहते-सहते विवश, कमजोर

हो गयी, तो खुद को मौत के

हवाले कर सकती है।


मगर किसी की जान नहीं

ले सकती

क्योंकि स्त्री के अन्दर

सहनशीलता

कूट-कूट कर भरी होती है।


और प्रेम का सागर भी

उसमें समाहीत होता है।

जो प्रेम, प्यार कर सकती है,

किसी का प्यार छीन नहीं सकती।


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