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Anita Bhardwaj

Tragedy

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Anita Bhardwaj

Tragedy

राम का युग

राम का युग

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अपने जज्बात ही तो जाहिर किए थे,

फिर भी नाक काट दी गई!

राम के युग में भी स्त्री के साथ बदी हुई


जिस युग में छल से वेश बदलकर

किसी पराई स्त्री पर बुरी नजर टिकाई गई


फिर भी पत्थर बनना पड़ा अहिल्या को ही

छलिया को सजा सुनाने वाले की कमी रही

राम के युग में भी स्त्री के साथ बदी हुई!


राजा कर सकता था तीन शादियां,

रानी जो पति के साथ वन गई,

अपने सतीत्व को बचाने के लिए

रावण जैसे योद्धा के सामने तन गई,


आखिर में अग्निपरीक्षा हुई उसी की,

धरती बीच समाने तक आंखों में नमी रही

राम के युग में भी स्त्री के साथ बदी हुई!!


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